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तीन दिवसीय निशुल्क माँ मातंगी दिव्य दरबार ???? ???? लगेगी अर्जी • बनेगा पर्चा • कटेंगे सभी दुख-दर्द

 दिनांक: 28, 29 और 30 अक्टूबर 2025
स्थान: बनर्जी पैलेस, मेन रोड, एचपी गैस के पास, नारायणपुर (छत्तीसगढ़)
 
संपर्क सूत्र :- 8767972448 , 9256390109
 
 
 :-इस दिव्य दरबार में मिलने वाले लाभ ✨
 
जिनका पर्चा नहीं बना है, उनका पर्चा बनाया जाएगा
गुरुदेव के सानिध्य में रक्षा सूत्र वितरण होगा
जीवन के सभी संकट, दुख-दर्द और बाधाएँ कटेंगी
सर्व रोग नाशक जल दिया जाएगा — सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति के लिए
दस महाविद्या का सिद्ध रक्षा कवच (मूल्य ₹51,000 वो भी ) निशुल्क प्रदान किया जाएगा
माँ बगलामुखी यज्ञ की पवित्र भभूति (यज्ञ भस्म) दी जाएगी
निशुल्क पेशी व अर्जी की सुविधा उपलब्ध रहेगी
भोजन व निवास की निशुल्क व्यवस्था धाम की ओर से होगी 
 
 
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माँ मातंगी धाम पहुँचीं छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ ????????

छत्तीसगढ़ी फिल्म जगत की प्रसिद्ध अभिनेत्रियाँ 'कचरा' और 'बोदरा' देर रात लगभग 1 बजे माँ मातंगी धाम पहुँचीं। वहाँ उन्होंने माता रानी के दरबार में विधिवत दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

दर्शन उपरांत दोनों अभिनेत्रियाँ गहन आत्मिक शांति और अलौकिक संतोष की अनुभूति से अभिभूत दिखीं। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि “माँ मातंगी के चरणों में आकर हमें अनुपम आत्मिक शांति और अद्भुत ऊर्जा प्राप्त हुई।”

माँ मातंगी की दिव्य महिमा अब केवल छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं रही है, बल्कि देश-विदेश तक इसका तेज निरंतर फैल रहा है। धाम की यह बढ़ती ख्याति न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को गहराई प्रदान कर रही है, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को भी नई ऊँचाइयों तक पहुँचा रही है।


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केसर सिंह का घर बना अग्नि बेताल का अड्डा अगेवा गाँव में रहस्यमयी तंत्र-मंत्र का खेल

राजस्थान के जेतारण तहसील का छोटा और सुंदर गाँव अगेवा हमेशा से अपनी सहजता, मेहनतकश जीवन और आपसी भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। यहाँ की मिट्टी की सोंधी खुशबू, खेतों में हल चलाते किसान, चौपाल पर गूंजती हंसी और मंदिरों की आरती से निकली पवित्र ध्वनि-सब कुछ मानो एक आदर्श ग्रामीण जीवन का चित्र था। लेकिन कुछ महीने पहले इस गाँव की शाति पर अचानक अलौकिक संकट का साया पड़ गया। एक साधारण किसान केसर सिंह के घर में हुई अनोखी घटनाओं ने गाँव की नींद उड़ा दी और पूरे इलाके को भय और रहस्य के घेरे में डाल दिया।

 

रहस्यमयी शुरुआत

 

शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य दुर्घटना समझा। रात के सम्राटे में दीवारों से आती अजीब खटखटाहटें सुनाई देने लगीं। फिर धीरे-धीरे कंसर सिंह के घर में रखी वस्तुएँ बिना किसी कारण खुद-ब-खुद जलने लगीं-कभी कपड़े, कभी लकड़ी का छोटा फर्नीचर, कभी रसोई के बर्तन। बिजली विभाग को सूचना दी गई। तार, मीटर और स्विच की जाँच हुई। सब कुछ सामान्य निकला। लेकिन घटनाएँ रुकने के बजाय तेजी से बढ़ने लगीं।

 

एक घर की आग से पूरे गाँव में दहशत

 

एक रात केसर सिंह के रसोईघर में अचानक आग भड़क उठी। लपटें इतनी तेज थीं कि देखते ही देखते रसोई का दरवाजा काला पड़ गया और धुआँ आसमान तक उठ गया। चौकने पड़ोसी पानी की बाल्टियाँ लेकर दौड़े और किसी तरह आग पर काबू पाया।

 

लेकिन यह तो बस शुरुआत थी। अगले दिन सुबह फिर से आँगन में रखखे सूखे बारे के ढेर में आग लग गई। दीपार की बच्चे पढ़ाई कर रहे थे कि अचानक कपड़ों की अलमारी से धुआँ निकलने लगा। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर यह आग लग कैसे रही है। गाँव की गलियों में अब भय का माहौल था। बुजुर्गों की चौपाल पर चर्चा अब लोकगीतों की जगह इसी रहस्यमयी आग पर केंद्रित थी। बच्यों की हँसी गायब हो गई थी और खेलकूद की जगह गाँव में खामोशी और डर का साया फैल गया था।

 

अगेवा गाँव में अग्नि बेताल का खौफनाक मंजर 70 दिन तक केसर सिंह का घर जलता रहा

 

अगेवा गाँव के किसान केसर सिंह का परिवार, जिसके घर से यह

 

संकट शुरू हुआ, लगातार 70 दिनों तक एक ऐसे भयावह दौर से गुजरा जो किसी दुःस्वप्न से कम नहीं था। दिन हो या रात, हर दो घंटे में अचानक केसर सिंह के घर के किसी हिस्से में आग भड़क उठती

 

कभी कपड़ों से भरी आलमारी में, कभी रसोईघर के कोने में, कभी दीवार से सटे लकड़ी के तखा पर। यह कोई साधारण आग नहीं थी, क्योंकि न तो वहाँ कोई चिंगारी दिखती और न ही कोई ऐसा कारण मिलता जिससे आग लग सके।

 

आग का पहला दिन आतंक की शुरुआत

 

पहले दिन दोपहर का समय था। केसर सिंह का परिवार खेत से लौटकर आराम कर रहा था कि अचानक रसोईघर से धुआँ उठने लगा। लोग दौड़कर पहुंचे और देखा कि रसोई में रखे सूखे लकड़ी के चूल्हे के पास बिना वजह आग भड़क रही है। किसी तरह पानी डालकर आग बुझाई गई। सभी ने इसे मामूली दुर्घटना मान लिया। लेकिन सिर्फदो घंटे बाद फिर से वही घटना हुई इस बार कपड़ों की अलमारी में। गाँव के लोग इकट्ठा होकर हैरान थे कि यह कैसे संभव है?

 

दिन-रात जलता घर नींद और चैन गायब

 

इसके बाद तो मानो पूरे घर में अदृश्य आग का प्रकोप शुरू ही गया। कभी फर्नीचर की दरारों से धुओं उठता। कभी दीवारों से लगी पराल (सूखी घास) सुलगने लगती। यहाँ तक कि फ्रिज के अंदर

 

रखी सब्जियों तक में आग लगने लगी। गाँववाले पानी की बाल्टियाँ और रेत की चोरियाँ लेकर हर वक्त तैयार रहने लगे। रात के समय ती केसर सिंह के घर के लोग सो भी नहीं पाते थे। दो घंटे में एक बार आग बुझाने का सिलसिला लगातार 70 दिनों तक चलता रहा।

 

गाँव का भय और बेचैनी

 

यह सिर्फ केसर सिंह के घर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे गाँव के माहौल को प्रभावित करने लगा। बच्चे डर के मारे शाम बलते ही घरों से बाहर निकलना बंद कर देते। महिलाएँ रात की रसोई का काम निपटा कर दरवाजे बंद कर देतों और बच्चों को अपने पास सुला लेतीं। खेतों में काम करने वाले किसान भी हर समय अपने सूखे अनाज और भूमे में आग लगने के डर में जीने लगे। रात के समय गाँव की गलियों में सन्नाटा और डर की गंध महसूस होती।

 

बुजुर्ग कहते, हमने अपने जीवन में इतना रहस्यमयी संकट कभी नहीं देखा। लोगों ने घरों के बाहर पानी के बड़े पड़े और मिट्टी की चाल्टियाँ रखना शुरू कर दिया।

 

खेतों में फैलती आग किसानों की नींद उड़ गई

 

सिर्फ घर नाहीं, बल्कि खेतों में भी आग लगने लगी। सर्दियों की सूखी फसले, भूमा और चारे के देर अचानक जल उठते। एक किसान के खेत में खड़ी फसल का बड़ा हिस्सा रातोंरात राख हो गया। ग्रामीणों ने चौकसी के लिए रात भर खेतों में पहरा देना शुरू कर दिया। कई परिवारों ने खेतों में पानी की नालियाँ खोद दीं ताकि आग फैलने से रोकी जा सके। फिर भी आग किसी अदृश्य ताकत की तरह अचानक प्रकट होती और सब कुछ भस्म कर देती।

 

लगातार जाँच लेकिन कोई कारण नहीं मिला

 

70 दिनों में गाँव कई बार सरकारी जाँच का केंद्र बना। बिजली विभाग ने केसर सिंह के घर के हर तार और मीटर की जाँच की। फ पर ब्रिगेड ने हर कोना खंगाला। प्रशासन ने आसपास की जमीन से गैस रिसाव की संभावना तलाश की। रसायन विज्ञान के विशेषज्ञों ने कहा कि यह मीथेन गैस हो सकती है, लेकिन गैस का कोई स्रोत नहीं मिला। किसी ने रासायनिक प्रतिक्रिया की ब्योरी दी, लेकिन यह भी प्रमाणित नहीं हुई।

 

हर प्रयास के बाद अधिकारी बस इतना

 

कहकर लौटते-

कारण समझ नहीं आ रहा। 70 दिन लगातार घटनाओं ने केसर सिंह के परिवार को मानसिक रूप से तोड़ दिया। रातों की नींद उड़ गई, बच्चों का पढ़ना बंद हो गया और महिलाएँ हर समय सतर्क रहतीं। गाँव के लोग हर दो घंटे में उठती लपटों और चीखों के बीच जीने को मजबूर थे। कई बार तो ग्रामीणों ने केसर सिंह के परिवार को उनके घर से बाहर निकालकर मंदिर में अस्थायी रूप से शरण दी, लेकिन अगली ही रात फिर आग लग जाती।

 

डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने किया चमत्कार

 

? रहस्यमयी चिट्ठियाँ 70 दिन के अंदर मौत की भविष्यवाणी अगेवा गाँव में आग का आतंक पहले ही लोगों की नींदें उड़ा चुका था।

 

हर दो घंटे में घर और खेतों में लगने वाली आग ने गाँव के हर व्यक्ति को भय और थकान से जकड़ लिया था। लेकिन जैसे यह डर काफी नहीं था, उसी चीच एक और रहस्यमयी और भयावह अध्याय की शुरुआत हुई-अनजान चिद्वियों का सिलसिला।

 

रहस्यमयी चिड्डियों का पहला आगमन

 

आग की घटनाओं के कुछ समाह बाद, केसर सिंह के घर के दरवाजे पर एक सुबह एक अजीब चिट्ठी पड़ी मिली। चिट्टी पर न कोई प्रेषक का नाम था, न पता बस भीतर डराने वाला संदेश लिखा था 70 दिनों के भीतर तुम्हारी पजी को मार दूंगा। केसर सिंह की पली मात्र 23 वर्ष की युवा महिला थीं। ऐसा स्पष्ट रूप से नाम लेकर किसी को निशाना घनाने वाली धमकी ने पूरे परिवार की रूह कंपा दी। शुरुआत में परिवार और पड़ोसी इसे मजाक समझकर टालना चाहते थे। लेकिन जब दूसरे और तीसरे दिन भी इसी तरह की चिद्वियों आती रहीं, तो गाँव का माहौल और अधिक भयभीत हो गया।

 

बढ़ता हुआ डर और अजीब रहस्य

 

चिडियों हर बार अलग-अलग स्थानों पर मिलती- कभी घर की दहलीज पर, कभी खिड़की की चौखट पर, कभी अलमारी के भीतर, तो कभी रसोई घर में। कभी वे पूजा घर में प्रकट हो जातीं, तो कभी अनाज के दिल्यों में दबाकर रखी मिलतीं। कभी बिस्तर के नीचे, कभी तकिए के भीतर, तो कभी परिवार के कपड़ों की जेबों में छिपी होतीं।

 

इन स्थानों की रहस्यमयता ने सबको हिला दिया-

 

मानो कोई अदृश्य शक्ति खुद चुपचाप घर में घूमकर ये विद्वियों रख जाती हो। परिवार के लोग पूरी रात पहरा देते. पर किसी को कुछ दिखता नहीं। गाँव के युवक रात भर बाहर घूमते, लेकिन चिट्टी आ स्रोत पकड़ नहीं पाते। हर नई चिट्ठी के साथ खतरे का संकेत और गहरा होता गया। कभी लिखा होता था 70 दिनों के भीतर तुम्हारी पत्नी की मौत तय है। ती कभी बस दो शब्द मौत निश्चित है। इन पंक्तियों ने पूरे गाँव की रूह की कंपा दिया।

 

जाँच-पड़ताल की असफलता

 

डर का असर इतना गहरा था कि गाँव के लोग तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना देने लगे। पुलिस ने गाँव का कोना-कोना छाना। रात में विशेष गश्त लगाई गई। डाक विभाग से लेकर आसपास के गाँवों तक की जाँच की गई कि कोई डाकिया या संदेशवाहक तो जिम्मेदार नहीं। लेकिन किसी भी प्रयास से एक भी सुराग नहीं मिला। न कोई पदचिन्ह, न कोई गवाह। यह ऐसा लग रहा था जैसे ये चिद्रियाँ हवा में से निकल रही हीं। कई लोगों ने इसे काला जादू या तांत्रिक शक्ति का काम मानना शुरू कर दिया। कुछ का कहना था कि यह किसी पुराने दुश्मन का बदला है, तो कुछ ने इसे पूरी तरह अलौकिक घटना करार दिया।

 

केसर सिंह के घर पर अग्नि-बेताल का कहर राजस्थान में 70 दिनों का अलौकिक आतंक

 

अगेया गाँव (जैतारण तहसील, राजस्थान) में पिछले कुछ महीनों से केसर सिंह के घर पर लगातार हो रही आग की घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। चिट्ठियों के सिलसिले के बाद यह भयावह घटना और तेज हो गई बंद तिजोरी और अलमारी में रखे कपड़े अपने आप जलने लगे।

 

आग का विस्तार और मजबूरी

 

केसर सिंह ने जितना समान हो सका बचा लिया और अपने परिवार के साथ रिशतेदारों के घरों में पनाह लेने लगे। लेकिन जहाँ भी केसर सिंह रुकते, अचानक यही अग्नि-बेताल की घटना घटित होने लगती। इसके चलते गाँव के कोई भी व्यक्ति रिश्तेदार या अन्य कोई भी केसर सिंह को अपने घर में पनाह देने के लिए तैयार नहीं था।

 

मजबूर होकर केसर सिंह और उनका परिवार घर के आँगन में नीम के पेड़ के नीचे ताड़-पत्री बिछाकर थोड़े बहुत सामान के साथ रात गुजारने लगे। लेकिन अग्नि-बेताल इतना निर्दय था कि बाहर भी आग फैलने लगी। दोपहर के समय चाहर रखी हुई चारपाई देखते ही देखते

 

जलने लगी, जबकि वहाँ 15-20 लोग मौजूद थे। (शेष... पृष्ट 5 पर)

 

इसीलिए मां मातंगी दिव्य धाम को त्रिकालदर्शी कहा जाता है। मातंगी धाम की आज तक एक भी भविष्यवाणी गलत नहीं हुई।

हिमाचल प्रदेश के रानी साहिबा का हुआ पर्चा से समाधान पाँच देवी-दर्शन यात्रा के दौरान लगभग दो सो भक्तों के साथ गुरुदेव श्री प्रेमासाई महाराज हिमाचल प्रदेश पहुंचे। उनकी यात्रा का समाचार हिमाचल स्थित राजपरिवार मंदिर के राजपुरोहित को सोशल मीडिया से प्राप्त हुआ। उन्होंने रानी साहिबा श्रीमती प्रतिभा सिंह जी को संदेश भेजा कि, "त्रिकालदर्शी माँ मातंगी दिव्य धाम सरकार यहाँ पधारे हैं। आप पारिवारिक समस्या के निवारण हेतु अवश्य ही महाराज जी से भेंट करें।" रानी साहिबा श्रीमती प्रतिभा सिंह उस समय रानी साहिबा निजी समस्याओं से घिरी हुई और मानसिक द्विविधा में थीं। एक माह पूर्व ही उनके पति, छह बार हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह जी का निधन हो चुका था। गुरुदेव ने उन्हें शांतिपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया और उनकी चिंताओं का समाधान बताया। इसी दौरान गुरुदेव को माँ मातंगी से प्राप्त दिव्य संकेतों के आधार पर उन्होंने रानी साहिबा को मार्गदर्शन देते हुए कहा- "हिमाचल प्रदेश में शीघ्र ही एक सांसद का सीट खाली होने का संकेत मिल रहे है। जल्द ही उपचुनाव संकेत मिल रहा है, आपको आपके पार्टी की ओर से लोकसभा का टिकट स्वतः मिलेगा, पति का निधन होने से यह आपका दुखद समय आवश्यक है लेकिन इस प्रस्ताव को अस्वीकार न करें। आप चुनाव लड़ेंगी और विजयी होंगी।" गुरुदेव की इस दिव्य भविष्यवाणी के अनुरूप उपचुनाव हुआ। पार्टी ने बिना माँगे ही रानी साहिबा श्रीमती प्रतिभा सिंह जी को टिकट प्रदान किया। उन्होंने चुनाव लड़ा और विजय प्राप्त की। आज भी जब वे किसी दुविधा में होती हैं, तो गुरुदेव का मार्गदर्शन ग्रहण करती हैं। मार्च 2024 के लोकसभा चुनाव से पूर्व रानी साहिबा ने मंडी लोकसभा क्षेत्र से पुनः चुनाव लड़ने के संबंध में महाराज जी से परामर्श लिया। उस समय गुरुदेव ने उन्हें मंडी लोकसभा से चुनाव न लड़ने का परामर्श दिया, जिसे मानकर रानी साहिबा ने चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया ।यह संपूर्ण घटना गुरुदेव श्री प्रेमासाई महाराज की साधना, तपशक्ति, उनकी दिव्य दृष्टि और माँ मातंगी की कृपा का सजीव प्रमाण है। उनके आशीर्वाद से जीवन के संकट दूर होते हैं और भविष्य का मार्ग आलोकित होता है- इससे बड़ा चमत्कार और क्या हो सकता है।

हरिभूमि न्यूज़ के 23 सितंबर के आर्टिकल के अनुसार, मां मातंगी की कृपा से हिमाचल प्रदेश की राजनीति में रानी साहिबा को लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत मिली।
यह पूज्य गुरुदेव श्री प्रेमासाईं जी महाराज की दिव्य दृष्टि और मां मातंगी धाम की सटीक भविष्यवाणी का अद्भुत चमत्कार है।

 

पिपरिया तिगरा: मां मातंगी धाम सरकार के दिव्या दरबार में गूँजी भविष्यवाणी — ओमप्रकाश धुर्वे शाहपुर से जीते, डिंडोरी में भाजपा की हार

पिपरिया तिगरा (जबलपुर के पास), 5–6 सितंबर 2023 — जबलपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर पिपरिया तिगरा में 5 से 6 सितंबर तक तीन दिवसीय मां मातंगी दिव्या दरबार का आयोजन हुआ। इस दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचे, भक्तों के दिव्य पर्चे बने और गुरुदेव ने लोगों को उनके जीवन के दुखों से उबरने का मार्ग बताया। यही वह दरबार था जिसमें डिंडोरी के भाजपा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पहुंचे और मां मातंगी धाम सरकार से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन लिया — वही मार्गदर्शन आगे चलकर मध्य प्रदेश की राजनीति में सटीक सिद्ध हुआ।
 
5 सितंबर का प्रसंग: भविष्यवाणी से मौनमय माहौल
 
5 सितंबर की सुबह 11:30 बजे, जब दिव्य दरबार चल रहा था और भक्तों के पर्चे बन रहे थे, तभी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे गुरुदेव का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने निवेदन किया — “महाराज जी, कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव है, आपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन चाहिए।”
गुरुदेव ने उनसे पूछा — “आपका विधानसभा क्षेत्र कौन सा है?” विधायक ने उत्तर दिया — “डिंडोरी विधानसभा।”
 
इस पर गुरुदेव ने सटीक शब्दों में कहा — “यदि आप डिंडोरी से चुनाव लड़ेंगे तो आपकी हार निश्चित है। केवल आप ही नहीं, बल्कि भाजपा का कोई भी प्रत्याशी डिंडोरी से नहीं जीतेगा; यहां कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा। यदि आप जीत चाहते हैं तो शाहपुर विधानसभा से चुनाव लड़ें।”
 
यह सुनते ही मंच एवं पूरा दरबार हॉल मौनमय हो उठा, हजारों श्रद्धालु अवाक् होकर इस संवाद को सुनते रहे। विधायक ने निवेदन किया — “गुरुदेव, आप मुझे डिंडोरी के लिए ही विजय का आशीर्वाद दीजिए।”
 
गुरुदेव ने गंभीर स्वर में उत्तर दिया — “मैं आशीर्वाद तो दे रहा हूं, पर विजय का मार्ग भी बता रहा हूं। शाहपुर जाओ, वहां आपकी विजय होगी।”
 
विधायक ने कहा कि शाहपुर उनके लिए नया क्षेत्र है, वह आदिवासी बहुल इलाका है और चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं — इतनी जल्दी प्रचार कैसे संभव होगा। इस पर गुरुदेव ने स्पष्ट कहा — “निर्णय तुम्हें करना है — जीतना है या हारना। अगर जीतना है तो शाहपुर का टिकट लो, और अगर हारना है तो डिंडोरी से चुनाव लड़ो।”
 
कुछ देर विचार करने के बाद विधायक जी ने गहरी सांस ली, मायूस भाव से गुरुदेव का आशीर्वाद ग्रहण किया और चुपचाप दरबार से लौट गए।
 
6 सितंबर: सहमति और विजय का आशीर्वाद
 
दूसरे दिन, 6 सितंबर को जब दिव्या दरबार समापन की ओर था, शाम 6 बजे ओमप्रकाश धुर्वे पुनः दरबार में आए। इस बार उन्होंने गुरुदेव से सहमति जताई कि वे शाहपुर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा — “महाराज जी, मैं आपके आदेश को मानते हुए शाहपुर से चुनाव लड़ने को तैयार हूँ, कृपया विजय का आशीर्वाद दीजिए।”
 
गुरुदेव ने मुस्कुराते हुए कहा — “अब तुम्हारी विजय को कोई नहीं रोक सकता।”
 
भविष्यवाणी हुई सत्य
 
चुनाव परिणामों ने गुरुदेव की दिव्य वाणी को अक्षरशः सिद्ध कर दिया। ओमप्रकाश धुर्वे शाहपुर विधानसभा से विजयी हुए, जबकि डिंडोरी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी की हार हुई और कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी रहा।
 
भक्तों और आयोजकों का मानना है कि यह घटना स्पष्ट प्रमाण है कि मां मातंगी धाम सरकार को साक्षात मां मातंगी का वरदहस्त प्राप्त है। गुरुदेव की हर भविष्यवाणी “पत्थर की लकीर” की तरह सत्य सिद्ध होती है।
 
दिव्या दरबार का प्रभाव
 
इस तीन दिवसीय दिव्य दरबार में हजारों भक्तों ने भाग लिया। अनगिनत श्रद्धालुओं के पर्चे बने और उन्हें व्यक्तिगत जीवन की समस्याओं से उबरने का मार्ग बताया गया। भक्तों ने कहा कि गुरुदेव का आशीर्वाद केवल आध्यात्मिक जीवन तक सीमित नहीं, बल्कि सांसारिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
 
ओमप्रकाश धुर्वे का राजनीतिक सफर
 
ओमप्रकाश धुर्वे केवल विधायक ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में एक सशक्त नेता रहे हैं। वे उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। बाद में उन्होंने आदिवासी कल्याण, श्रम, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली।
जून 2016 में उन्हें शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में पुनः शामिल किया गया, जहाँ उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण तथा श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया।
 
उनकी यह राजनीतिक पृष्ठभूमि बताती है कि गुरुदेव से आशीर्वाद लेने पहुंचे वे केवल एक सामान्य विधायक नहीं थे, बल्कि राज्य के बड़े नेताओं में गिने जाते रहे हैं — और इसीलिए मां मातंगी धाम सरकार की उस दिव्य भविष्यवाणी का महत्व और भी बढ़ जाता है।

 

सुदर्शन न्यूज़ चैनल के चेयरमैन डॉ सुरेश चौहानके जी जो सनातन धर्म के लिए खुलकर बोलते हैं, एक सच्चे धर्म योद्धा है !! Sudarsan News

 सुदर्शन न्यूज़ चैनल के चेयरमैन डॉ सुरेश चौहानके जी जो सनातन धर्म के लिए खुलकर बोलते हैं, एक सच्चे धर्म योद्धा है !! Sudarsan News 

मा. मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ श्री विष्णुदेव साय जी द्वारा माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर परमपूज्य डॉ. श्री प्रेमासाई महाराज जी को “माँ बगलामुखी विशाल महायज्ञ” (11 टन सूखी लाल मिर्च की आहुति) के माध्यम से विश्व कीर्तिमान स्थापित करने पर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर सुदर्शन न्यूज़ के संपादक श्री सुरेश चव्हाण जी, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष मा. डॉ. रमन सिंह जी, छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री मा. श्री श्याम बिहारी जयसवाल जी, कैबिनेट एवं कौशल विकास मंत्री मा. श्री गुरु खुशवंत साहेब गुरु जी, भाजपा के संगठन मंत्री मा. श्री पवन साय जी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

 

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी और पूज्य संत श्री डॉ. प्रेमा साईं महाराज जी को 11,000 किलो मिर्ची हवन के भव्य आयोजन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी और पूज्य संत श्री डॉ. प्रेमा साईं महाराज जी को 11,000 किलो मिर्ची हवन के भव्य आयोजन में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

 

मां मातंगी दिव्य धाम पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री प्रेमा साईं महाराज जी ने मुस्लिम तांत्रिकों का खोला चिट्टा | तंत्र जिहाद | Sudarshan Conclave | Raipur Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ की पावन भूमि से माँ मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 श्री प्रेमा साईं महाराज जी ने “तंत्र जिहाद” का बड़ा सच सबके सामने रखा।
यह अद्भुत संबोधन Sudarshan Conclave, रायपुर में हुआ, जिसने लाखों लोगों की आँखें खोल दीं।
गुरुदेव ने Sudarshan News चैनल पर स्पष्ट कहा कि तंत्र के नाम पर हिंदू समाज को भटकाने की कोशिशें हो रही हैं और सनातनियों को जागरूक रहना होगा।

सनातन संस्कृति के युवा मार्गदर्शक – डॉ. प्रेमासाई महाराज जी

 भारत की पवित्र धरती ने अनेक संतों और महापुरुषों को जन्म दिया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉ. प्रेमासाई महाराज जी आज के युग में सनातन धर्म, समाजसेवा और आध्यात्मिक जागरण के सशक्त प्रतीक बन चुके हैं।

 
प्रारंभिक जीवन
 
21 अक्टूबर 1991 को में जन्मे डॉ. प्रेमासाई महाराज जी ने बाल्यावस्था से ही गहन साधना का मार्ग अपनाया। मात्र सात वर्ष की आयु में उन्होंने सांसारिक आकर्षणों से ऊपर उठकर ध्यान, योग और तांत्रिक साधना का अभ्यास प्रारंभ किया। उनकी बाल साधक के रूप में पहचान शीघ्र ही समाज में फैल गई।
 
 
 
अद्वितीय आध्यात्मिक साधना
 
महाराज जी की साधना और उनके द्वारा किए गए अनोखे यज्ञों ने देश-विदेश के भक्तों को आकर्षित किया है।
 
स्वस्तिक महा यज्ञ और सुदर्शन चक्र महा यज्ञ का आयोजन उनके मार्गदर्शन में भव्य पैमाने पर सम्पन्न हुआ।
 
उन्होंने बगलामुखी हवन यज्ञ में 11 टन लाल सूखी मिर्च की आहुति दी, जो विश्व में अद्वितीय माना जाता है। विशेष बात यह रही कि इतने बड़े पैमाने पर लाल मिर्च की आहुति के बावजूद उपस्थित किसी भी व्यक्ति को खांसी या असुविधा का अनुभव नहीं हुआ; सभी ने हल्कापन और प्रसन्नता का अनुभव किया। यह आयोजन अब वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पंजीकृत किया जा रहा है।
 
 
समाजसेवा और प्रेरक कार्य
 
महाराज जी केवल आध्यात्मिक उपदेश तक सीमित नहीं हैं।
 
हिंदू राष्ट्र संघ जैसी संस्थाओं के माध्यम से वे स्वास्थ्य, शिक्षा, और आजीविका से वंचित वर्गों की सहायता करते हैं।
 
आपदा राहत, सामाजिक एकता और राष्ट्रभक्ति के लिए वे निरंतर मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।
 
वे सनातन संस्कृति को सशक्त करने और समाज में नैतिकता, समानता व जिम्मेदारी का भाव जगाने का कार्य कर रहे हैं।
 
 
सम्मान और उपलब्धियाँ
 
आध्यात्मिक और सामाजिक क्षेत्र में योगदान के लिए मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान की जा चुकी है। उनके अद्भुत यज्ञ और समाजहित के कार्यों के कारण उनका नाम विश्व स्तर पर चर्चित हो रहा है।
 
 
युवा आयु में ही डॉ. प्रेमासाई महाराज जी ने यह सिद्ध कर दिया है कि दृढ़ संकल्प, साधना और सेवा भाव से समाज को नई दिशा दी जा सकती है। आज वे भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। सनातन संस्कृति के संवाहक के रूप में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को आध्यात्मिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देता रहेगा

त्रिकालदर्शी चमत्कारी मां मातंगी दिव्य दरबार का भव्य आयोजन जोधपुर में

जोधपुर, राजस्थान: आध्यात्मिकता और चमत्कारिक शक्तियों में विश्वास रखने वाले भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर आ रहा है। त्रिकालदर्शी चमत्कारी मां मातंगी दिव्य दरबार का आयोजन 20 से 22 मार्च 2025 तक जोधपुर में होने जा रहा है। यह आयोजन पूरी तरह निःशुल्क होगा, जिसमें भक्त अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे और मां मातंगी की दिव्य कृपा का अनुभव कर सकेंगे।
 
आयोजन का स्थान और समय:
 
➡ स्थान: एम्पायर रिसोर्ट, इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप के सामने, डाली बाई चौराहा, जैसलमेर बाईपास रोड, जोधपुर (राजस्थान)
➡ समय: सुबह 10:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक
 
विशेष आकर्षण:
 
इस दिव्य दरबार में भक्तों को कई पवित्र और चमत्कारी वस्तुएं निःशुल्क वितरित की जाएंगी, जिनमें शामिल हैं:
✅ सुदर्शन चक्र भभूत
✅ बगलामुखी यज्ञ भभूत
✅ सिद्ध रुद्राक्ष
✅ रक्षा सूत्र
✅ सुरक्षा कवच
✅ संकट कट की सामग्री
 
अस्थमा मरीजों के लिए विशेष चिकित्सा सेवा
 
इस आयोजन में गुरुदेव श्री प्रेमसाईं जी महाराज के आशीर्वाद से अस्थमा के मरीजों के लिए विशेष 3 दिन का चिकित्सा उपचार भी किया जाएगा, जो पूरी तरह निःशुल्क होगा।
➡ अस्थमा चिकित्सा की तारीख: 20 मार्च से 22 मार्च 2025
➡ समय: रात 9:00 बजे से 12:00 बजे तक
 
गुरुदेव श्री प्रेमसाईं जी महाराज का मार्गदर्शन
 
इस दिव्य दरबार का नेतृत्व गुरुदेव श्री प्रेमसाईं जी महाराज करेंगे, जो अपनी आध्यात्मिक शक्तियों और दिव्य अनुकंपा के लिए प्रसिद्ध हैं। यह आयोजन न केवल भक्तों की समस्याओं का समाधान करेगा, बल्कि उन्हें आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव भी कराएगा।
 
आयोजन की मुख्य बातें:
 
✔ जीवन की सभी समस्याओं का समाधान
✔ आध्यात्मिक जागरण और शांति का अनुभव
✔ मां मातंगी की चमत्कारी कृपा और दिव्य आशीर्वाद
 
संपर्क करें:
 

☎ अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:

???? 8767972448 / 9256390109
???? सोशल मीडिया: @maamatangidivydham
 
निष्कर्ष:
यदि आप अपने जीवन में किसी भी प्रकार की समस्या से जूझ रहे हैं या मां मातंगी की चमत्कारी कृपा का अनुभव करना चाहते हैं, तो त्रिकालदर्शी चमत्कारी मां मातंगी दिव्य दरबार में अवश्य आएं। यह आयोजन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक सुनहरा अवसर है।
 

निशुल्क दिव्य दरबार.....कटेंगे दुख.......लगेगी अर्जी.....बनेंगे पर्चा..... किसानों के हित में और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर पूज्य श्री प्रेमा साई जी महाराज मां मातंगी के दिव्य आशीर्वाद के साथ आ रहे हैं किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए।

 किसानों के हित में और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर पूज्य श्री प्रेमा साई जी महाराज मां मातंगी के दिव्य आशीर्वाद के साथ आ रहे हैं किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए।

 

 

स्थान -

खाज़गी कसमादे शेतकरी कृषि उत्पन्न बाजार ढोलबारे, तालुका- सटाणा, Dist - नाशिक, महाराष्ट्र

youtube.com/shorts/mKTixA-xbFI

#किसान #हिन्दुस्तान #नाशिक #महाराष्ट #गुरुदेव #सरकार #पीठाधीश्वर #उन्नति #सेवा #हिंदुराष्ट्रसंघ #hindurashtrasangh #maamatangidivyadham #aghormarg

 

निशुल्क दिव्य दरबार ...... शुभ मुहूर्त शनिवार 4 व 5 जनवरी 2025 को प्रातः 10 से रात्रि 8 बजे तक JMR होटल रॉयल सुकमा में आपके बीच महाशक्तियों के उपासक मां मातंगी दिव्य धाम सरकार पीठाधीश "श्री श्री प्रेमासाई महाराज जी' उपस्थित रहेंगे।

 छत्तीसगढ़ के जी. जामगांव-बिरेझर, अभनपुर से धमतरी रोड पर "माँ मातंगी दिव्य धाम" में माँ मातंगी, माँ बंगलामुखी, माँ छिन्नमस्ता तीनों माता का शक्तिशाली सिद्धपीठ स्थापित है जिसमें देश - - विदेश से लाखों श्रद्धालुगण पहुंचते है। इसका मुख्य कारण है इस दिव्य धाम के पीठाधीश "श्री प्रेमासाई महाराज जी" धाम में त्रिकालदर्शी दिव्य दरबार लगाते है और सामने बैठने वाले व्यक्ति के हृदय में चलने वाले हर प्रश्नों का उत्तर बिना कुछ पूछे ही महाराज जी पर्चे पर लिख देते हैं एवं यह धाम इसलिए विशेष महत्व रखता है यहां पर्चा तो बनता ही है साथ में समस्याओ का निदान मां मातंगी के दिव्य कृपा से तुरंत हो जाता है। महाराज जी माता मातंगी जी के सामने श्रद्धालु जन के दुख दूर करने के लिए अर्जी लगाते है, परिणाम स्वरूप व्यक्ति के जीवन से सारे दुख नष्ट हो जाते है और जीवन सुखमय बन जाता है, मनवांछित अभिलाषाओ पूर्ति होती है।


शुभ मुहूर्त शनिवार 4 व 5 जनवरी 2025 को प्रातः 10 से रात्रि 8 बजे तक JMR होटल रॉयल सुकमा में आपके बीच महाशक्तियों के उपासक मां मातंगी दिव्य धाम सरकार पीठाधीश "श्री श्री प्रेमासाई महाराज जी' उपस्थित रहेंगे।


आप सभी को सादर आमंत्रित......youtube.com/shorts/BmO1ku0QvN4

 

माँ मतंगी दिव्य धाम के पीठाधीश्वर पूज्य श्री गुरुदेव जी

 दिव्य दरबार की समापन करके पूज्य श्री गुरुदेव जी भक्तों के दुख कष्ट सुनते हुए प्रस्थान की दिव्य दृश्य, भक्त बार बार पूछते रहे और पूज्य श्री गुरुदेव जी बिना किसी उदासीनता से हर प्रश्नों का उत्तर देते जा रहे हैं ।