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पिपरिया तिगरा: मां मातंगी धाम सरकार के दिव्या दरबार में गूँजी भविष्यवाणी — ओमप्रकाश धुर्वे शाहपुर से जीते, डिंडोरी में भाजपा की हार

पिपरिया तिगरा (जबलपुर के पास), 5–6 सितंबर 2023 — जबलपुर से महज कुछ किलोमीटर दूर पिपरिया तिगरा में 5 से 6 सितंबर तक तीन दिवसीय मां मातंगी दिव्या दरबार का आयोजन हुआ। इस दौरान हजारों श्रद्धालु पहुंचे, भक्तों के दिव्य पर्चे बने और गुरुदेव ने लोगों को उनके जीवन के दुखों से उबरने का मार्ग बताया। यही वह दरबार था जिसमें डिंडोरी के भाजपा विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश धुर्वे पहुंचे और मां मातंगी धाम सरकार से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन लिया — वही मार्गदर्शन आगे चलकर मध्य प्रदेश की राजनीति में सटीक सिद्ध हुआ।
 
5 सितंबर का प्रसंग: भविष्यवाणी से मौनमय माहौल
 
5 सितंबर की सुबह 11:30 बजे, जब दिव्य दरबार चल रहा था और भक्तों के पर्चे बन रहे थे, तभी विधायक ओमप्रकाश धुर्वे गुरुदेव का आशीर्वाद लेने पहुंचे। उन्होंने निवेदन किया — “महाराज जी, कुछ ही दिनों में विधानसभा चुनाव है, आपका आशीर्वाद और मार्गदर्शन चाहिए।”
गुरुदेव ने उनसे पूछा — “आपका विधानसभा क्षेत्र कौन सा है?” विधायक ने उत्तर दिया — “डिंडोरी विधानसभा।”
 
इस पर गुरुदेव ने सटीक शब्दों में कहा — “यदि आप डिंडोरी से चुनाव लड़ेंगे तो आपकी हार निश्चित है। केवल आप ही नहीं, बल्कि भाजपा का कोई भी प्रत्याशी डिंडोरी से नहीं जीतेगा; यहां कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी होगा। यदि आप जीत चाहते हैं तो शाहपुर विधानसभा से चुनाव लड़ें।”
 
यह सुनते ही मंच एवं पूरा दरबार हॉल मौनमय हो उठा, हजारों श्रद्धालु अवाक् होकर इस संवाद को सुनते रहे। विधायक ने निवेदन किया — “गुरुदेव, आप मुझे डिंडोरी के लिए ही विजय का आशीर्वाद दीजिए।”
 
गुरुदेव ने गंभीर स्वर में उत्तर दिया — “मैं आशीर्वाद तो दे रहा हूं, पर विजय का मार्ग भी बता रहा हूं। शाहपुर जाओ, वहां आपकी विजय होगी।”
 
विधायक ने कहा कि शाहपुर उनके लिए नया क्षेत्र है, वह आदिवासी बहुल इलाका है और चुनाव में अब कुछ ही दिन शेष हैं — इतनी जल्दी प्रचार कैसे संभव होगा। इस पर गुरुदेव ने स्पष्ट कहा — “निर्णय तुम्हें करना है — जीतना है या हारना। अगर जीतना है तो शाहपुर का टिकट लो, और अगर हारना है तो डिंडोरी से चुनाव लड़ो।”
 
कुछ देर विचार करने के बाद विधायक जी ने गहरी सांस ली, मायूस भाव से गुरुदेव का आशीर्वाद ग्रहण किया और चुपचाप दरबार से लौट गए।
 
6 सितंबर: सहमति और विजय का आशीर्वाद
 
दूसरे दिन, 6 सितंबर को जब दिव्या दरबार समापन की ओर था, शाम 6 बजे ओमप्रकाश धुर्वे पुनः दरबार में आए। इस बार उन्होंने गुरुदेव से सहमति जताई कि वे शाहपुर विधानसभा से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा — “महाराज जी, मैं आपके आदेश को मानते हुए शाहपुर से चुनाव लड़ने को तैयार हूँ, कृपया विजय का आशीर्वाद दीजिए।”
 
गुरुदेव ने मुस्कुराते हुए कहा — “अब तुम्हारी विजय को कोई नहीं रोक सकता।”
 
भविष्यवाणी हुई सत्य
 
चुनाव परिणामों ने गुरुदेव की दिव्य वाणी को अक्षरशः सिद्ध कर दिया। ओमप्रकाश धुर्वे शाहपुर विधानसभा से विजयी हुए, जबकि डिंडोरी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी की हार हुई और कांग्रेस का उम्मीदवार विजयी रहा।
 
भक्तों और आयोजकों का मानना है कि यह घटना स्पष्ट प्रमाण है कि मां मातंगी धाम सरकार को साक्षात मां मातंगी का वरदहस्त प्राप्त है। गुरुदेव की हर भविष्यवाणी “पत्थर की लकीर” की तरह सत्य सिद्ध होती है।
 
दिव्या दरबार का प्रभाव
 
इस तीन दिवसीय दिव्य दरबार में हजारों भक्तों ने भाग लिया। अनगिनत श्रद्धालुओं के पर्चे बने और उन्हें व्यक्तिगत जीवन की समस्याओं से उबरने का मार्ग बताया गया। भक्तों ने कहा कि गुरुदेव का आशीर्वाद केवल आध्यात्मिक जीवन तक सीमित नहीं, बल्कि सांसारिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शक सिद्ध होता है।
 
ओमप्रकाश धुर्वे का राजनीतिक सफर
 
ओमप्रकाश धुर्वे केवल विधायक ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश की राजनीति में एक सशक्त नेता रहे हैं। वे उमा भारती, बाबूलाल गौर और शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण, समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे। बाद में उन्होंने आदिवासी कल्याण, श्रम, खेल और युवा कल्याण मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाली।
जून 2016 में उन्हें शिवराज सिंह चौहान की कैबिनेट में पुनः शामिल किया गया, जहाँ उन्होंने खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण तथा श्रम मंत्री के रूप में कार्य किया।
 
उनकी यह राजनीतिक पृष्ठभूमि बताती है कि गुरुदेव से आशीर्वाद लेने पहुंचे वे केवल एक सामान्य विधायक नहीं थे, बल्कि राज्य के बड़े नेताओं में गिने जाते रहे हैं — और इसीलिए मां मातंगी धाम सरकार की उस दिव्य भविष्यवाणी का महत्व और भी बढ़ जाता है।